संसद का मानसून सत्र हंगामेदार शुरुआत के साथ शुरू हुआ। विपक्षी दलों ने महंगाई, बेरोजगारी और हालिया नीतिगत फैसलों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदस्यों ने नारेबाजी की, जिसके कारण अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

दूसरी तरफ, सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह सभी राष्ट्रहित के मुद्दों पर नियमसंगत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्रीय मंत्रियों ने विपक्ष से अपील की है कि वे महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सहयोग करें ताकि जनहित के कानून समय पर लागू किए जा सकें।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह सत्र आगामी चुनाव रणनीतियों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में और कई बड़े अध्यादेश संसद के पटल पर रखे जाने की संभावना है।